डिजिटली बी पी एल होने की व्यथा
-
रात के एक बजे थे अचानक मोबाइल की एस एम् एस टोन गुहार लगाती है ।
एस एम् एस एक दोस्त का था जो दिल्ली में बैठा हुआ था । अभी थोडी देर पहले तक वो
जिद कर रहा था...
3 weeks ago


4 comments:
आपकी रचनाधर्मिता का कायल हूँ. कभी हमारे सामूहिक प्रयास 'युवा' को भी देखें और अपनी प्रतिक्रिया देकर हमें प्रोत्साहित करें !!
आपको लोहडी और मकर संक्रान्ति की शुभकामनाएँ....
hey mate a wee too late but wishing u a happy new year too....
Thanks for following my blog! Happy New Year to you also!
Post a Comment