एक : न धैर्येण बिना लक्ष्मीः



 न धैर्येण बिना लक्ष्मीः न शौर्येण बिना जयः।
न ज्ञानेन बिना मोक्षो न दानेन बिना यशः।।

(सुभाषितम्)

 धैर्य के बिना धन,

वीरता के बिना विजय,

ज्ञान के बिना मोक्ष 

और 

दान के बिना यश 

की प्राप्ति नहीं होती है।

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